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राजस्थान का स्वास्थ्य मॉडल भजन लाल सरकार में बदलेगा, जानिए क्या होगा गहलोत की क्रांतिकारी योजना

राजपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा राज्य का स्वास्थ्य मॉडल बदलेंगे। गहलोत सरकार की किसी भी योजना को अभी तक रोका नहीं गया है। लेकिन बहुप्रतिक्षित चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम का वेबसाइट लगभग बंद हो गया है। चिरंजीवी योजना के तहत इलाज करना प्रदेश के 90% निजी अस्पतालों ने बंद कर दिया है। निजी अस्पतालों को 50 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करना बाकी है।

भजन लाल सरकार ‘चिरंजीवी’ की जगह ‘आयुष्मान’ को लेकर एक्टिव

हाल ही में भजन लाल सरकार ने कोई योजना बदलने का आदेश नहीं दिया है, लेकिन सभी जिलाधिकारियों को केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्ड बनाने का आदेश दिया गया है। हर जिले का लक्ष्य 5 लाख से 15 लाख आयुष्मान योजना कार्ड बनाना है। यह काम 26 जनवरी 2024 तक पूरा करने का आदेश दिया गया है। इसके लिए ई-केवाईसी का उपयोग किया जा रहा है। लाभार्थियों को मोदी सरकार का आयुष्मान ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप पर ही सत्यापन होगा, जिसके बाद योग्य व्यक्ति इस योजना से जुड़ सकेंगे। चिकित्सा विभाग में मंत्री का पद निर्धारित होते ही इस संबंध में आदेश जारी किया जाएगा।

बंद नहीं होगी चिरंजीवी, लेकिन निरर्थक हो जाएगी

केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना के माध्यम से इलाज शुरू होने पर गहलोत सरकार ने शुरू की गई चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना फिलहाल खत्म नहीं होगी। नई योजना के तहत इलाज शुरू किया जाएगा, यानी चिरंजीवी योजना को बंद किए बिना। ऐसे में चिरंजीवी योजना स्वचालित रूप से समाप्त हो जाएगी। आयुष्मान भारत योजना के कार्डों को चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का विकल्प बनाने का काम शुरू हो गया है।

‘आयुष्मान’ का टारगेट फिक्स, पूरा न करने वाले CMHO पर होगी कार्रवाई

आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना पर जल्दी काम करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी CMHO को 100% लक्ष्य पूरा करने का आदेश दिया गया है। 100 प्रतिशत लक्ष्य नहीं पूरा करने वाले जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी को कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने चिकित्सा अधिकारियों को कहा है कि आयुष्मान योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़ा दें। चिकित्सा अधिकारियों ने पहल की है। प्रदेश में वर्तमान में 66.34 लाख लोग आयुष्मान योजना का लाभ लेते हैं। अब संख्या को तेजी से बढ़ाने के लिए दिशानिर्देश दिए गए हैं।

अब राजस्थान में 25 के बजाय 5 लाख का ही होगा इलाज

25 लाख रुपये का निशुल्क इलाज पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने शुरू किया था। जबकि केंद्रीय आयुष्मान योजना से 5 लाख रुपये तक का इलाज मिलता है। ऐसे में लाभार्थियों को अब 25 लाख की बजाय 5 लाख रुपये तक का इलाज देना होगा। लेकिन राज्य सरकार लाभार्थियों को रियायत का स्तर और प्रकार निर्धारित कर सकती है। आने वाले दिनों में इसकी पुष्टि होगी।

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